25 december क्या है और बच्चों के जीवन में इसका महत्व क्या है
25 दिसंबर को बड़ा दिन, क्रिसमस डे भी कहा जाता है और बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है यह दिन ईसा मसीह के जन्मदिन के उपलक्ष में मनाया जाता है ईसा मसीह ने प्रेम, दया, सच्चाई और आपस में भाईचारे का संदेश इस दिन को समझा जाता है 25 दिसंबर को लोग अपने घर में अपने रिश्तेदारी में अपने दोस्त मित्रों के साथ एक दूसरे से प्यार और खुशी बांटने का कार्य करते हैं यही वजह है कि लोग 25 दिसंबर को काफी खुशी का पल समझ कर लोग एक दूसरे में मस्त रहते हैं
बच्चों के लिए 25 दिसंबर एक बहुत ही खास दिन होता है जिसे बच्चों को आराम करने और अपने परिवार के साथ समय बिताने का एक खास पल मिलता है बच्चे खूब खुशी मन से क्रिसमस ट्री को सजाते हैं नए कपड़े पहनते हैं और उपहार पाते हैं यह सब करने के बाद उनके मन में खुशी और उत्साह बहुत ही ज्यादा बढ़ जाता है
इस दिन बच्चों को अच्छे संस्कार भी दिए जाते हैं उन्हें बताया जाता है कि हमें जरूरतमंद लोगों की मदद कैसे करनी चाहिए और सभी से प्यार भरी बात करने के प्रेरणा दी जाती है स्कूलों में क्रिसमस से पहले प्रार्थना सभा एवं नाटक और गीतों के माध्यम से बच्चों को नैतिक शिक्षा देने का कार्य होता है जिससे बच्चों के जीवन में एक से बढ़कर एक नैतिक नैतिक गुण आते हैं और इसी नैतिक शिक्षा के बल पर बच्चे अपने जीवन को बेहतर बना पाते हैं |
25 दिसंबर बच्चों को एक खास पर लगता है क्योंकि बच्चों को मिलजुल कर रहने साझा करने और दूसरों की भावनाओं को समझने की सीख बताई जाती है यह दिन बच्चों के मन में अच्छाई दया और इंसानियत के बीज को बोता है बच्चों के मन में इसलिए 25 दिसंबर न केवल एक त्यौहार है बल्कि बच्चों के जीवन में जीवन के जितने भी अच्छे सिख हैं वह सब बच्चों को इस दिन सीखने का मौका मिलता है |
बच्चों की स्कूल की छुट्टी मिलती है या नहीं
25 दिसंबर को बड़ा दिन के उपलक्ष में और साथ ही साथ क्रिसमस डे के इस दिन को त्योहार के रूप में मनाया जाता है यह त्योहार पूरे भारत में मनाया जाता है जिस वजह से यह एक राष्ट्रीय छुट्टी भी रहता है इसलिए इस दिन अधिकांश स्कूलों में बच्चों की छुट्टी ही रहती है और बच्चे खूब इस त्योहार को खुशियों से मन से मनाते हैं |
क्रिसमस डे पर माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका क्या होनी चाहिए?
क्रिसमस डे के दिन माता-पिता बच्चों को अनुशासन और संतुलन में रहने की एक अच्छी सीख सीखने का कार्य कर सकते हैं साथ ही साथ बच्चों को यह समझना बहुत जरूरी है की खुशी मनाने के साथ-साथ नियमों का पालन करना उससे भी ज्यादा जरूरी है जैसे समय पर सोना समय पर भोजन ग्रहण करना समय पर अपनी पढ़ाई करना और साथ ही साथ अपने मित्रगण में अपने परिवार में अपने रिश्तेदार में सभी से खुशी के साथ सही व्यवहार करना अपने बच्चों को सीखना चाहिए |
क्रिसमस डे के दिन को माता-पिता अपने बच्चों को संस्कृत सम्मान सीखा सकते हैं उन्हें बताएं कि भारत में अलग-अलग धर्म और त्योहारों का सम्मान करना चाहिए इससे बच्चों में एकता की भावना बढ़ती है |
माता-पिता अपने बच्चों को आभार व्यक्त करना सिखाए बच्चों को यह समझाया जा सकता है कि हमें अपने माता-पिता शिक्षक और दोस्तों के लिए धन्यवाद कहना बहुत जरूरी है क्योंकि बच्चों के जीवन में माता-पिता और शिक्षक का बहुत बड़ा योगदान होता है|
इस दिन को आप अपने बच्चों के साथ पुरानी यादों को भी साझा कर सकते हैं जैसे आप जब बच्चे होंगे तो आप क्रिसमस डे के त्योहारों को कैसे मनाते थे इससे बच्चों के मन में पारिवारिक जुड़ाव काफी मजबूत होता है और बच्चे यह सब जानकर काफी खुशी का पल महसूस करते हैं|
इस तरह माता-पिता के सही भूमिका बच्चों के व्यक्तित्व को निखारने में मदद करती है इसलिए अपने बच्चों को सही शिक्षा, सिख और बड़े लोगों का आदर करना जरूर सिखाएं |
